उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR) ने भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर नवंबर के पहले सप्ताह की मौसम-आधारित खेती सलाह दी है। किसान तक की 2 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर कृषि जलवायु क्षेत्रों में शुरुआती हल्की से मध्यम बारिश के बाद मौसम शुष्क रहने की संभावना थी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में गरज, बिजली और भारी बारिश की आशंका बताई गई।
इसीलिए बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य मैदानी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य कृषि क्षेत्रों में गेहूं, चना, मटर, मसूर, रबी मक्का और पछेती सरसों की बुवाई 2–3 दिन टालने की सलाह दी गई। पर्याप्त मिट्टी की नमी के बाद बुवाई करने और धान के अवशेष न जलाने को कहा गया। समय पर सिंचित गेहूं के लिए DBW-187, DBW-826, PBW-915 और HD-3428 किस्मों का उल्लेख है।
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बारिश और खेती की स्थिति जिले के अनुसार बदल सकती है; किसान स्थानीय कृषि विभाग/केवीके से पुष्टि करें।
स्रोत: https://www.kisantak.in/amp/crops/uttar-pradesh/story/wheat-sowing-tips-for-up-farmers-in-month-november-upcar-advisory-best-varieties-for-high-yield-nvs-1470307-2026-11-02 रिपोर्ट की तारीख: 2026-11-02.
तस्वीर: Unsplash से प्रतीकात्मक चित्र; यह रिपोर्ट की घटना का वास्तविक फोटो नहीं है।


