प्रयागराज, 15 अक्टूबर 2026। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत राज चुनाव तीन महीने के भीतर कराने का निर्देश राज्य निर्वाचन आयोग को दिया। अदालत ने कहा कि आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करते हुए चुनाव कराए जाएं।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और गरिमा प्रसाद की पीठ ने समयबद्ध कार्यक्रम प्रस्तुत करने की मांग वाली याचिकाओं पर यह आदेश दिया। सरकार ने अदालत को बताया था कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की स्थिति तय करने के लिए आयोग बनाया गया है और उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को आरक्षण संबंधी काम पूरा होने के साथ समयसीमा के भीतर आगे बढ़ाने को कहा।
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आदेश के अनुसार, नए पंचायत निकायों के चुने जाने तक निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक की भूमिका में काम जारी रखेंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट ने तीन महीने की अवधि का अर्थ जनवरी 2027 तक चुनाव कराने की समयसीमा बताया था। यह अदालत द्वारा तय सीमा है; उस रिपोर्ट में मतदान की अलग तारीख घोषित नहीं की गई थी।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने आदेश का स्वागत करते हुए चुनाव में देरी का आरोप लगाया। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने कहा था कि सरकार आदेश का अध्ययन कर कानूनी सलाह के बाद कदम तय करेगी।
चित्र: इलाहाबाद हाईकोर्ट की फाइल तस्वीर; यह पंचायत चुनाव आदेश की सुनवाई का वास्तविक फोटो नहीं है।




