The New Indian Express की 29 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने सीधी भर्ती के लिए चरित्र सत्यापन के दिशा-निर्देशों को समेकित किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि हिंसक तरीकों से मौजूदा सामाजिक या राजनीतिक व्यवस्था बदलने की वकालत करने वाले संगठनों से जुड़ाव अयोग्यता का आधार हो सकता है।
रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि केवल राजनीतिक विचारधारा, एफआईआर या लंबित जांच के आधार पर उम्मीदवार को अयोग्य नहीं माना जाएगा। लागू नियमों और आदेश का पूरा पाठ उम्मीदवारों को आधिकारिक सरकारी स्रोत से देखना चाहिए।
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